1.काँवर झील

बेगूसराय के मंझौल गाँव में काँवर झील स्थित है। इस झील का क्षेत्रफल 16 वर्ग किलोमीटर है। यह एशिया की सबसे बड़ी गोखुर झील है, जिसका निर्माण गंडक नदी के विसर्पण से हुआ है। इस झील में पाए जाने वाली प्रमुख वनस्पति निम्न है, जिनमें हाइड्रा लेरिसिलाय, पोटोमोगेंटन, वेल्सनेरिया, लेप्लराल्स, निफसा, मिंफोलोड्स, सरपस वेटल्वेरिया आदि प्रमुख हैं। इस झील में सर्दी के दिनों (नवंबर-जनवरी) में साइबेरियाई क्षेत्र के प्रवासी पक्षी आते हैं।  प्रमुख पक्षी वैज्ञानिक सलीम अली के अनुसार लगभग 60 प्रजातीय पक्षी मध्य एशिया से सर्दी के दिनों में यहाँ निवास के लिए आते हैं तथा मूल रूप से लगभग 106 प्रजाति के पक्षी यहाँ निवास करते हैं।

2.कुशेश्वर स्थान झील

कुशेश्वर स्थान झील दरभंगा के कुशेश्वर में स्थित है। जिसका क्षेत्रफल 20 वर्ग किलोमीटर से 100 वर्ग किलोमीटर तक बढ़ता-घटता रहता है। वर्षा काल में  जल की अधिकता के कारण झील का अत्यधिक विस्तार हो जाता है।इस झील में कमला, करेह आदि नदियों जल एकत्रित होता है।  यह झील मछली उत्पादन का प्रमुख केंद्र है। यहाँ भी प्रवासी पक्षी पेलिकन डालमटिया (Pelicia Dalmatia) तथा साइबेरियन क्रेन (Siberian Cranes) सर्दी  के मौसम में प्रवास करते हैं। 1972 ई. में इस झील को पक्षी अभयारण्य घोषित किया गया है।

3.मुचलिंडा झील:

बिहार के बोधगया शहर में स्थित है।इसी सरोवर में बुद्ध ने तपस्या की थी।झील के केंद्र में भगवान बुद्ध की मूर्ति ध्यान मुद्रा में मौजूद है।मूल रूप से यह हरियाली से घिरा एक खूबसूरत तालाब है

4.घोड़ा कटोरा झील:

बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में स्थित है।
विश्व शांति शिवालय के पास स्थित है और हरी घाटियों से घिरा हुआ है। यहाँ नौका विहार उपलब्ध है।
ऐसा माना जाता है कि महाभारत के दयालु जरासंध का इसी झील के पास निवास था।

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