बिहार के बांका जिले के एक सुदूर गांव की महिलाएं ने आखिर वो कर दिखाया जो उस क्षेत्र की सबसे बड़ी कमी थी ।

0
56
Women from a village in Bihar’s Banka district have built without government aid.

बिहार के बांका जिले के एक सुदूर गांव की महिलाएं ने आखिर वो कर दिखाया जो उस क्षेत्र की सबसे बड़ी कमी थी ।

दरअसल निमा गांव की 130 से अधिक महिलाओं ने फैसला किया कि वे सरकार के साथ मिलकर काम करने की प्रतीक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि स्थानीय लोग कनेक्टिविटी की कमी के कारण पीड़ित थे। वे इस साल के बरसात के मौसम से पहले सड़क तैयार करना चाहते थे।

निमा के रेखा देवी ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया, “बरसात के मौसम में यह विशेष रूप से भयावह होता है जब हम कड़क की वजह से अपने मूल काम के लिए अपने गांव से 2.5 किलोमीटर दूर ब्लॉक मुख्यालय तक भी पहुँचने में कई परेशानिओं का सामना करना पड़ता है । गर्भवती महिलाओं को तो सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है – क्योंकि वे समय पर स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंच पाती थी । ”

women from banka building road

महिलाओं के अनुसार, लगभग तीन या चार साल पहले इस क्षेत्र में सड़क पर सरकार रोड बनाने वाली थी , लेकिन एक अड़चन ने साडी बात बिगाड़ दी । निमा निवासी झलो देवी ने समाचार पत्र को बताया, “कुछ तीन-चार साल पहले, स्थानीय प्रशासन ने सड़क बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू किया था, लेकिन भूमि मालिकों द्वारा विरोध प्रदर्शन के कारण योजना को त्यागना पड़ा था।”

इन भूमि मालिकों, जिन्होंने पहले सड़क के लिए अपनी संपत्ति छोड़ने से इनकार कर दिया था, ने बताया कि हमलोग ने ग्रामीणों के दर्द को भी महसूस किया। महिलाओं के उत्साह को देखने के बाद वे आश्वस्त थे की वे इस काम को बखूबी करवा पाएंगी ।
एक बार उन्हें जमीन मिलने के बाद, पुरुषों से थोड़ी मदद के साथ महिलाओं ने तीन दिनों में दो किलोमीटर की सड़क बनाई।

इन महिलाओं के प्रयास को देखते हुए पास के दो गांवों, जोरपुर और दुर्गापुर की कई महिलाएं भी उनसे जुड़ गईं। उनके घरों में पुरुषों ने पहले आधारभूत कार्य पूरा किया। नजदीक और बंजर भूमि से रेत, मिट्टी और पत्थरों लाया गया । हम सूर्योदय में काम शुरू करते थे और शाम को खत्म ख़त्म कर देते थे । निमा के उषा देवी ने कहा, अब, हल्के वाहन आसानी से सड़क पर चढ़ सकते हैं।

बंका जिला मजिस्ट्रेट ने महिलाओं को उनके काम पर बधाई दी है। और अपनी सफाई में कहा की “निजी भूमि लेने के बिना, सड़क संभव नहीं थी; सरकार सिर्फ निजी भूमि नहीं ले सकती थी। लेकिन जब गांव महिलाओं ने सड़क के काम की शुरुआत की, वही मकान मालिकों ने अपनी सहमति दी, “जिला मजिस्ट्रेट कुंदन कुमार ने को बताया।
इसके लिए वे और उनका जूनून बधाई के पात्र हैं

ऐसे जूनून को हमारी और से भी बधाई

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here