Wednesday, July 17, 2024
HomeFEATURED ARTICLESविश्व योग दिवस विशेष : क्यों मुंगेर में केंद्रित योग विद्या मंदिर...

विश्व योग दिवस विशेष : क्यों मुंगेर में केंद्रित योग विद्या मंदिर को हम आधुनिक योग की जननी बोलते हैं?

Published on

योग को जन जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से २१ जून को पुरे विश्व में योग दिवस मनाया जा रहा है । आज विश्व योग दिवस के अवसर पर हम बात करने जा रहे हैं उस दिव्य स्थान की जिसे हम आधुनिक योग की जननी बोल सकते हैं ।हम बात कर रहे हैं मुंगेर में केंद्रित योग विद्या मंदिर की ।

योग को बढ़ाने में बिहार के मुंगेर में स्थित बिहार स्कूल ऑफ़ योग का महत्वपूर्ण रोल है ये विश्व की एकलौती योग सीखाने वाली यूनिवर्सिटी है जहाँ बॉलीवुड के स्टार भी सिखने के लिए आ चुके हैं।

योग मंदिर की स्थापना

munger-yoga-school

विश्व को भारत की प्राचीन योग परम्परा से अवगत करने के लिए स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने १९६३ मे बिहार योग विद्यालय की स्थपना मुंगेर में की थी ।मुंगेर के किला परिसर में एक पहाड़ी पर गंगा के किनारे स्थित बिहार योग विद्यालय , योग संस्कृति की एक धरोहर के रूप में विश्व में प्रसिद्द है ।संख्या ,पतंजलि और गीता के योग दर्शन पर आधारित यह संस्थान विज्ञान चिकित्सा और मनोविज्ञान का समन्वय कर आज योग की व्यवहारिक शिक्षा दे रहा है ।

बिहार योग विद्यालय की स्थापना के समय स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने कहा था कि योग भविष्य की संस्कृति
बनेगी ।सचमुच उनकी कही हुई बातें सच साबित होने लगी जब पुरे विश्व ने योग को अपनाया ।योग की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने २१ जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है बिहार स्कूल ऑफ़ योगा के २०० से अधिक अन्तराष्ट्रीय और सैंकड़ो राष्ट्रीय योग और आध्यात्मिक केंद्र है ।इसी वजह से इसे डीम्ड विश्वविद्यालय का भी दर्जा दिया गया है ।

बिहार योग विद्यालय का संचलन इस समय स्वामी निरंजनानंद सरस्वती करते है योग संस्कृति के प्रचार प्रसार में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए इसी साल उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया है ।

कौन हैं निरंजनानंद

swami niranjananand
महायोगी स्वामी सत्यानंद के शिष्य निरंजनानंद का जन्म छत्तीसगढ़ के राजनंद गॉंव में १९६० में हुआ था ।
चार साल की उम्र में उन्हें सतानंद अपने साथ बिहार योग विद्यालय ले आये थे ।१९९५ में स्वामी सत्यानंद के उत्तराधिकारी बने ।योग को घर घर पहुँचाने के लिए उन्होंने १९९५ में ही बाल मित्र मंडली की स्थापना की ।बाल मित्र मंडली के लगभग ८० हज़ार बच्चे आज योग के प्रचार प्रसार में लगे हुए हैं ।

ग्लोबल पहचान बन गया है यह योग आश्रम

आज इस संस्थान ने योग शिक्षा के लिए पुरे विश्व में अपनी खास पहचान बनायीं है । विश्व के कोने कोने से लोग यहाँ योग का प्रशिक्षण लेने यहाँ आते हैं ।यह दुनिया का ऐसा विश्वविद्यालय है जहाँ सिर्फ योग की शिक्षा जी जाती है और छात्र यहाँ एक माह के ट्रेनिंग सर्टिफिकेट से लेकर डॉक्ट्रेट तक के कोर्स कर सकते हैं ।इस साथ यहाँ योग दर्शन ,योग मनोविज्ञान ,एप्लाइड योग और पर्यावरण योग विज्ञान में हायर एजुकेशन के लिए एक या दो साल का कोर्स है। अब तो फ्रांस में भी मुंगेर योग विद्या मंदिर के सिलबस ही योग की पढाई होने लगी है

योग केंद्र का सख्त नियम

niranjananda

योग केंद्र का सख्त नियम छात्रों को अनुशासन प्रिय बनाता है । रोज़ सुबह चार बजे उठकर साधना होती है ।इसके बाद कक्षाएँ शुरू होती हैं । शाम ६.३० बजे कीर्तन होने के बाद ७.३० बजे अपने कमरों में ही साधना होती है ।
9 बजे बच्चे विश्राम करने जाते हैं |

आज विश्व योग दिवस पर बिहार योग विद्यालय  के योगदान को शत शत नमन

हमारे अन्य आर्टिकल को पढ़ने के लिए अपना ईमेल निचे दर्ज़ करें

[contact-form][contact-field label=”Name” type=”name” required=”true” /][contact-field label=”Email” type=”email” required=”true” /][contact-field label=”Website” type=”url” /][contact-field label=”Message” type=”textarea” /][/contact-form]

Facebook Comments

Latest articles

खगड़िया जिला स्थापना दिवस : मक्का और दूध का अद्भुत उत्पादन करता है यह ज़िला

बिहार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित खगड़िया जिला ने अपने 44वें वर्ष में प्रवेश...

राजगीर का शायक्लोपिएन दीवार

राजगीर में स्थित शायक्लोपिएन दीवार ( चक्रवात की दीवार) मूल रूप से चार मीटर...

बिहार के तीसरे चरण के लोकसभा चुनाव में पांच सीटों के समीकरण

बिहार के तीसरे चरण के लोकसभा चुनाव में पांच सीटों के समीकरण इस प्रकार...

सिलाई मशीन योजना ऑनलाइन आवेदन 2024: महिला सशक्तिकरण के लिए मुफ्त सिलाई मशीन योजना

क्या है सिलाई मशीन योजना ? भारत सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य...

More like this

खगड़िया जिला स्थापना दिवस : मक्का और दूध का अद्भुत उत्पादन करता है यह ज़िला

बिहार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित खगड़िया जिला ने अपने 44वें वर्ष में प्रवेश...

बिहार दिवस 2024: बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जश्न

बिहार दिवस कब मनाया जाता है हर साल 22 मार्च को, भारत का...

पटना में हाई-टेक तारामंडल का निर्माण: बिहार का एक और कदम विकास की ऊँचाइयों की ओर

बिहार के विकास में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ता जा रहा है, क्योंकि पटना...