AALOK NATH

 

आज हम बात करने जा रहे हैं उस अभिनेता के बारे में जिन्होंने चरित्र अभिनेता के तौर पर एक अलग ही मुकाम बनाया है ।वैसे तो उन्होंने बहुत सारी अनमोल भूमिकाएं अपनी फिल्मों के माध्यम से निभाई हैं लेकिन भारतीय परंपरा और संस्कृति के भरे उनके कुछ पारिवारिक और सामजिक रोल उन्हें खूब सराहा गया
जी हाँ हम बात कर रहे है आलोक नाथ जी की

परिचय

उनका पूरा नाम  आलोक नाथ झा है । उनका जन्म 10 जुलाई 1956 को बिहार के खगड़िया जिले में हुआ हुआ । वैसे बचपन में ही उनका परिवार दिल्ली में जाकर बस गया

 

निजी जीवन

आलोक नाथ का जन्म  एक डॉक्टर के परिवार हुआ. इनके पिता दिल्ली में डॉक्टर के पद पर थे और मां गृहिणी थीं. आलोक नाथ के पिता चाहते थे कि वह एक डॉक्टर बने लेकिन वह डॉक्टर नहीं बनना चाहते थे और उन्होंने एक्टिंग को अपने करियर के रूप में चुना. इसके बाद इन्होंने आशू सिंह से विवाह किया और उनसे इन्हें एक बेटा है.

शिक्षा

आलोक नाथ ने अपनी स्कूलिंग और ग्रेजुएशन दिल्ली से किया. कॉलेज के दिनों में एक्टिंग में रुझान होने की वजह से वह कॉलेज के रुचिका थिएटर ग्रुप से जुड़े रहे. इसके बाद उन्होंने तीन साल तक नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पढ़ाई की.

करियर की शुरुआत

आलोक नाथ ने अपने करियर की शुरुआत 1980 में फिल्म ‘गांधी’ से की. इस फिल्म में काम करने का मौका इन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पढ़ाई के दौरान मिला. 1980 में कॉस्टिंग डायरेक्टर डॉली ठाकुर फिल्म ‘गांधी’ में एक छोटे से किरदार के लिए एनएसडी आई थीं, जहां कई लोगों का ऑडिशन लेने के बाद उन्होंने आलोक नाथ को चुना. इस फिल्म के लिए उन्होंने आलोक नाथ को बीस हजार रुपये दिए थे.

जिसको उन्होंने अपने पिता के हाथों में दिया जिससे उनके पिता काफी हैरान हो गए थे. इसके बाद उनके पिता ने खुश होते हुए कहा कि अच्छा हुआ तुमने एक्टिंग में अपना करियर बनाया. उस समय उनके पिता की एक साल की सैलरी 10 हजार हुआ करती थी.

इसके बाद आलोक नाथ मुंबई आ गए. लेकिन दूसरी फिल्म के लिए आलोक नाथ को 5 साल तक संघर्ष करना पड़ा. इस दौरान उन्होंने 2 साल तक पृथ्वी थिएटर में नादिरा बब्बर के साथ अभिनय किया. इसमें इन्होंने 30 से 40 लघु फिल्में की थी. इसी दौरान आलोक नाथ को फिल्म ‘मशाल’ के लिए ऑफर आया, जिसको उन्होंने स्वीकार कर लिया. इस फिल्म में इनका किरदार बहुत ही छोटा था. इसके बाद फिल्म ‘लम्हे’ और ‘आज की आवाज’ में भी काम किया.

आलोक नाथ ने 140 फिल्मों में से 95 फीसदी फिल्मों में ‘बाबूजी’ का किरदार निभाया, जिससे इन्हें इंडस्ट्री में ‘बाबूजी’ के नाम पहचाना जाने लगा.

टेलीविजन में ‘हम लोग’ से की शुरुआत

फिल्मों के साथ ही आलोक नाथ ने टीवी सीरियल में भी काम किया, जिसकी शुरुआत उन्होंने सीरियल ‘हम लोग’ से की. यह इनका पहला सीरियल था, जो दूरदर्शन में प्रसारित किया गया. लेकिन इनको पहचान सीरियल ‘बुनियाद’ से मिली. यह सीरियल 1986 में काफी लोकप्रिय हुआ करता था. इससे पहले आलोक नाथ ने 1983 में फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ और ‘सारांश’ की थी. 1980 में फिल्म ‘गांधी’ के लिए उन्हें बेस्ट पिक्चर ऑफ द ईयर के खिताब से नवाजा भी गया था

 

फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री

फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता आलोक नाथ झा ने बॉलीवुड में ‘बाबूजी’ के नाम से पहचान बनाई. इन्होंने अपने करियर में लगभग 140 फिल्में और 17 टीवी सीरियल्स किए, जिसमें से उनके ज्यादातर किरदार ‘बाबूजी’ के थे. आलोक नाथ की फिल्म ‘गांधी’, ‘मैंने प्यार किया’, ‘ताल’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘विवाह’, ‘कयामत से कयामत तक’, ‘हम साथ साथ हैं’ को दर्शकों ने काफी पसंद किया था.

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