दुनिया में हर चीज के नाम के पीछे एक कहानी छुपी हुई होती है । आज बिहार के सारण जिले का ये नाम क्यों पड़ा इसके पीछे छुपी दो कहानियों के बारे में जानेंगे |
बिहार का सारण जिला दिलचस्प जगहों और अद्भुत लोकगीत और लोककथाओं से भरा पड़ा है
सारण जिला बिहार के अड़तीस जिलों में से एक है। इसे छपरा जिले क मुख्यालय के बाद छपरा जिला भी कहा जाता है। सारण जिले में तीन उप-डिवीजन शामिल हैं: छपरा, मारहौरा और सोनपुर।
अब आते है मुख्य मुद्दे पर
सारण की उत्पत्ति उसके नामकरण के पीछे दो अलग-अलग विचार हैं।
1. ‘आईने अकबरी ‘ में उपलब्ध जानकारी के अनुसार सारण बिहार प्रान्त के छह सरकार राजस्व प्रभाग में से एक था । 1765 में ईस्ट इंडिया कंपनी को दिवाणी देने के समय, सरन और चंपारण सहित आठ सरकार थे।ब्रिटिश सेना के अधिकारी और पुरातत्वविद् अलेक्जेंडर कनिंघम (1814-18 9 4) ने इस तथ्य को बताया की अंग्रेजी वर्ड एसाइलम को हिंदी में “शरण” कहा जाता है । ।इसी कारण इसका नाम सारण पड़ा
2.दूसरे सन्दर्भ में यह कहा गया है की सारण शब्द सरंगा-अरान्या से निकला है, जिसका अर्थ है “हिरण जंगल”। हांलांकि दूसरा सन्दर्भ अधिक लोकप्रिय माना जाता है ।
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